Top 10+ Best Moral stories in hindi for class 3

Moral stories in hindi for class 3:- इस लेख में जितनी भी कहानी लिखी गई है वह सारी कहानी कहीं से भी Copy नही की गई गई, Moral stories in hindi for class 3 सारी कहानी मैने मन से लिखी है, तो आप मुझे यह सारी कहानी पढ़ के जरूर बताना की आपको कैसी लगी Moral stories in hindi for class 3

Top 10+ Moral stories in hindi for class 3
Moral stories in hindi for class 3

  • कल्पेश की बुद्धिमानी 
  • चंपक और भेड़िया
  • बच्चा और नेवला 
  • बड़ा सा मटका 
  • नकल में भी अकल की जरूरत है 
  • भोलू और चिंटू
  • खुनी कुआं 
  • खरगोश और कछुआ
  • चूहा और सांप 
  • सोनू और सपना

(1) कल्पेश की बुद्धिमानी #1 Hindi story for class 3 with pictures 

Moral stories in hindi for class 3
  बहुत समय पहले की बात है कल्पेश नामका एक  आदमी रहता था वह लोगो को जताता की वह बहुत विद्वान होनेका दिखावा करता था ।

  कल्पेश से जो भी सवाल पूछता कल्पेश उसका जवाब झट से दे देता, क्यूंकि उस सवाल का जवाब कल्पेश को पहले से ही मालूम रहता था ।

  क्यूंकि वह सभी सवाल साधारण सवाल रहते था, कल्पेश से कोई भी कठिन सवाल नही पूछ पता था वह इसलिए की लोगो को कठिन सवाल मालूम नही रहता था ।

  और इस तरह कल्पेश को लगता की वह इस गांव में सबसे विद्वान है, और कल्पेश ने इस बात का पूरे गांव में ढिंढोरा पिट दिया था, एक दिन कल्पेश के गांव में एक महापुरुष आदमी आया ।

   उस महापुरुष ने कल्पेश की चर्चा पूरे गांव वालो से सुनी, इतनी चर्चा सुनके वह कल्पेश के पास चला गया, उस महापुरुष ने कल्पेश से कहा की मैन सुना है की आपके जैसे विद्वान आदमी इस गांव में कोई नही है ।

    कल्पेश ने कहा की आपको अगर शक हो तो आप मुझसे कोई भी सवाल पूछ सकते हैं, मैं उस सवाल का जवाब आपको चुटकी बजाते दे दूंगा उस महापुरुष ने कल्पेश से एक सवाल किया ।

   लेकीन उसका जवाब कल्पेश को नही आया, उस महापुरुष ने दूसरा सवाल किया उसका भी जवाब नही आया फिर वह महापुरुष समझ गया की इसे कुछ नही आता है, बस यह विद्वान होने का दिखावा कर रहा है ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की, जो इंसान ज्यादा बुद्धिमान नही होता है वही इंसान ज्यादा बुद्धिमान होने का दिखावा करता है

The Moral Of This hindi stories:- A person who is not very intelligent, pretends to be more intelligent

(2) चंपक और भेड़िया #2 short moral stories in hindi for class 3

Moral stories in hindi for class 3
  एक बार की बात है, चंपक नाम का एक आदमी रहता था, वह लोगों को हमेसा लोगो को अपनी बलशाली की कहानी सुनाया करता था ।

  हालाकि चंपक ने अभी तक एक बलशाली वाला काम नही किया था, फिर भी वह लोगो को जताते रहता की उसने भालू को धूल चटाई है, हिरण का सीकर किया है, लोमड़ी को दौड़ा दौड़ा के मार है।

  और लोग भी इतने भोले थे की बिना देखे ही उस पर भरोसा कर लेते, एक दिन उनके गांव पर एक जंगली भेड़िये का हमला हुआ, सारे लोग डर गए थे ।

  उस भेड़िये ने उस गांव के चार आदमी को लेके चला गया था उन्हें खाने के लिए, सारे लोगो बहुत ही घबराए हुए थे उन्हें चंपक की याद आई की इस गांव में वही सबसे  शक्तिशाली है, सारे गांव वाले मदत के लिए चंपक के पास गए ।

  और चंपक को अभी तक की सारी घटना सुनाई चम्पक बोला ठीक है मैं आप सभी की सहायता करूँगा बस जब भेड़िया आये तो मुझे आगाह कर देना, चंपक भी घबरया और डरा हुआ था ।

  उसे भी समझ में नही आरहा था की, इस मुसीबत से कैसे निकले लेकीन तभी उस भेड़िये का वापस गांव में हमला हुआ सारे गांव वाले भाग के चंपक के पास गए और उससे कहा की आप हमे इस भेड़िये से बचाइए ।

  चंपक बाहर निकले के उस भेड़िये के सामने खड़ा होगया, जब भेड़िया चंपक के नजदीक आने लगा तो चंपक डर के मारे वहाँ से भाग गया, अब गांव वाले के पास कोई और चारा नही था, तो गांव वाले ने एक जुट होकर उस भेड़िये से लड़ाई की ।
 
  और उसे मार कर अपने गांव से भाग दिया, गांव वालो को भी समझ में आगया था की चंपक ने अभि तक अपने बारे में जितनी बड़ाई की है वह सारे झूठी है, चंपक ने अभी तक किसी भी जानवर से लड़ाई नही की है ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की जो काम हमने अभी तक नही किया है उसकी झूठी बाते नही करनी चाहिए, वार्ना कभी भी हम मुसीबत में फंस सकते हैं ।

Short moral Stories in Hindi 
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The Moral Of This hindi stories:- We should not talk falsely about the work that we have not done yet, otherwise we can get into trouble anytime.

(3) बच्चा और नेवला #3 moral stories in hindi for class 3

Moral stories in hindi for class 3
  बहुत समय पहले की बात है, एक औरत ने अपने घर में नेवला पाल के रखा था, उस औरत का एक बच्चा भी था जो की अभी बहुत छोटा था इतना की वह चल भी नही सकता था ।

 एक दिन वह औरत उस बच्चो को पालने में सुलाकर, पानी भरने नदी जा रही थी, उस औरत ने उस नेवले से कहा की मेरे आने तक इस बच्चे की देखभाल करना इसे कोई हानि ना पहुंचे ।

 यह कहकर वह पानी भरने चली गई, तभी उस औरत के घर में एक सांप निकला और वह सांप बच्चो को डसने जा रहा था यह नेवले ने देकह लिए उस नेवले ने तुरंत उस सांप पर हमला कर दिया ।

  इस बीच दोनों की झड़प में नेवले ने उस सांप को मार दिया, थोड़ी देर बाद वह घर आई उसने नेवले के मुह पर खून देखा उसे लगा की नेवला उसके बच्चो को मार डाला उसने पानी का घड़ा उसके सरीर पर दे फेक नेवले की मौत होगई ।

  जब वह औरत पालने के पास गई तो उसने देखा की उसका बच्चा सही सलामत है, और उस पालने के बाजू में सांप मार पड़ा है, वह औरत सारी बाते समझ गई और वह पछताने लगी की मैन ऐसा क्यूँ किया ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की हमे कभी भी बिना सोचे समझे कोई भी फैसला नही लेना चाहिए वार्ना बादमे बहुत पछतावा होता है

The moral of this hindi story of class 3:- We should never take any decision without thinking otherwise we regret it a lot

(4) बड़ा सा मटका #4 Moral stories in hindi for class 3

Moral stories in hindi for class 3
 बहुत समय पहले की बात है, हरिया नामका एक आदमी रहता था, उसे हमेसा अकेले काम करना बहुत पसंद था, हरिया जो भी काम करता वह सारे काम अकेले करता वह किसी की भी सहायता नही लेता ।

  हरिया पेशे से कुम्हार ( मिट्टी की वस्तुएं बनाने वाला ) था एक दिन हरिया को राजा ने अपने दरबार में बुलाया और उसे एक काम सौप और उसे कहा की, तुम और तुम्हारे कुछ साथी मिलकर एक बड़ा सा मटका बनावो कुएं के आकर इतना ।

  हरिया ने कहा की महाराज मुझे किसी भी साथी की जरूरत नही है, मैं यह काम अकेले ही कर लूंगा राजा ने हरिया को एक महीने की अवधि दी, और कहा की इस बीच अगर मेरा दिया हुआ काम पूरा नही हुआ तो तुम्हे कड़ी सजा दी जाएगी ।

  हरिया ने अकेले उस मटके को बनाने के लिए बहुत कोसीस की लेकीन वह सफल नही हुआ राजा की दी हुई अवधि में से सिर्फ दस दिन बाकी थे लेकीन अभी तक वह मटका आधा भी तैयार नही था

  फिर हरिया ने अपने आस पास के कुछ मित्रो से सहयता माँगी उसके मित्र उसकी सहायता के लिए राजी होगये, और उसकी मदत करने लगे और वह मटका हरिया उसके मित्रो की सहायता से राजा की दी गई अवधि में पूरा हुआ ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की हमे हमेसा एकजुट होकर काम करना चाहिए एकजुट होकर काम करने पर वह काम कितना भी कठिन क्यूँ न हो वह पूरा हो जाता है ।

The moral of this hindi story of class 3:-We should always work in unison, no matter how difficult the task is, it will be completed.

(5) नकल में भी अकल की जरूरत है #5 moral stories for kid

Moral stories in hindi for class 3
  बहुत समय पहले की बात है, एक राजा हुआ करात था, वह राजा हमेसा दूसरे राजावो की नकल किया करता था, जैसे दूसरे राजा अपने प्रजा के साथ करते वह भी वैसे ही करता जैसा उसके पड़ोसी राजा का महल था वैसे ही इस राजा ने अपना महल बनवाया ।

  एक दिन कुछ गुप्तचरों से राजा को मालूम पड़ा की पड़ोसी मुल्क के राजा उसके राज्य पर हमला कर कर उसका राज्य हंथियाना चाहते हैं, तो राजा ने सोच की पहले हम उनक राज्य पर हमला करेंगे ।

  राजा को कुछ गुप्तचरों से मालूम पड़ा की उस राजा ने हमले के लिए अपने हथियार में भाला, तीर कमान, बड़े बड़े पत्थर और इत्यादि प्रकार के हथियार रखे हैं ।

  राजा भी उसी प्रकार के हथियार लेकर उस पर हमला करने के लिए पहुँच गया लेकीन पड़ोसी राजा पर हमला करने के बाद इस राजा की हार हुई और पड़ोसी मुल्क के राजा की विजय हुई ।

   पड़ोसी मुल्क के राजा की इसलिए विजय हुई की वह अपना हथियार सही प्रकार से उपयोग कर पाए उन्होंने अपने भाले से जो उनके किले पर चढ़ने की कोसीस करता वह उन्हें मार देते ।

    और तीर कमान से दूर दूर सैनिको को मार देते और उस बड़े पत्थर को अपने किले से गिरा देते और उस पत्थर के बीच जो भी आता वह मार जाता, और यह राजा जो पत्थर लेके गया उसका वह उपयोग नही कर पाया इसलिए इस राजा की हार हुई ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की हमे नकल करते समय भी सोच समझ के नकल करनी चाहिए अगर वह राजा उस बड़े पत्थर की जगह ।

  तोप लेकर जाता तो वह उनके किलो को गिरा सकता था लेकीन राजा ने अपना दिमाग नही लगया उसने पड़ोसी राजा की तरह नकल किया इसलिए वह हार गया ।

(6) भोलू और चिंटू #6 For class 3 moral stories in hindi 

Moral stories in hindi for class 3
भोलू और सोनू नामके दो बच्चे थे, दोनों की आपस में नही बनती थी, भोलू अपने नामकी तरह ही भोला था और चिंटू अपने नाम की तरह ही चंट था ।

 चिंटू हमेसा भोलू को मरते-पीटते रहता और उसे तंग करते रहता था, चिंटू के मुकाबले भोलू बहुत ही कमजोर था उसके सरीर में ज्यादा ताकत नही थी, भोलू बहुत ही पतला था, और चिंटू भोलू के बिल्कुल विपरीत था वह हट्टा कट्टा और ताकतवर था ।

 एक दिन भोलू चिंटू के मार पिट से तांग आकर भोलू ने निश्चित किया की अगर चिंटू ने अब मुझे हाँथ भी लगाया तो मैं उसे छोडूंगा नही मैं ताकतवर नही तो क्या हुआ मेरे पास दिमाग है ।

 भोलू को मालूम था की मैं उससे लड़ाई में नही जीत सकता लेकीन उसे अपने दिमाग के बल से हर सकता हूँ, इसलिए भोलू ने फिर एक योजना बनाई चिंटू को डराने की योजना ।

  भोलू ने एक यंत्र बनाया, करंट देने वाला यंत्र और वह यंत्र भोलू ने अपने शरीर में लगा लिया, आगर कोई भी आदमी भोलू को हाथ लगता तो उसे झटका बैठता ।

   यह यंत्र लगाकर वह चिंटू से लड़ने चला गया, भोलू ने चिंटू को लड़ाई कर लिए चुनौती दी, चिंटू लड़ने के लिए भोलू के पास आगया चिंटू जैसे ही भोलू को मारने के लिए हाँथ लगता उसे जोड़ का झटका बैठता ।

   और चिंटू उसे मार ही नही पता, लेकीन भोलू चिंटू को मरते ही चला गया, अब चिंटू ने भोलू से माफी मांग ली और कहा की आज के बाद मैं तुम्हे कभी भी तांग नही करूँगा ।
 
सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की हमे किसी की दुष्टता का करारा जबाब देना चाहिए

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Moral of this class 3 hindi stories:- Give a damn answer to someone's wickedness

(7) खुनी कुआं #7 Hindi stories for class 3 kids 

Moral stories in hindi for class 3
  बहुत समय पहले की बात है एक जंगल में एक कुआँ था, जो की खूनी कुआ के नाम से प्रसद्धि था, आसपास के लोगो का उस कुएं के बारे में कहना था की उस कुएं के अगर आस पास भी कोई जाता है तो वह कुआ उसे खा जता है, ऐसी लोगो ने अफवा फैला दी थी ।

 अब कोई भी व्यक्ति उस कुएं के पास जाने से डरता था, एक दिन एक जग्गू नामक आदमी उस जंगल के रास्ते से अपने गांव जा रहा था, जग्गू को प्यास लगी थे तभी जग्गू को जंगल में वह खूनी कुआँ दिखाई दिया ।

  जग्गू को मालूम नही था की यह कुआ खूनी कुआ है, जब वह उस कुएं के पास पानी पीने गया तो उसने देखा की कुएं में पानी नही है, और कुएं में गुफा बना हुआ है ।

  जग्गू उस गुफा में गया और उसने देखा की उस गुफा में ढेर सारा सोना चांदी और पैसे पड़े हुए हैं, जग्गू को समझ में नही आया की यह सब किसका है, जग्गू पहले फटा फट उस गुफा से बाहर निकल और एक पेड़ के पीछे छुपकर देखने लगा की उस गुफा में कौन जाता है, और यह सारा खजाना किसका है ।

  थोड़ी देर रुकने के बाद जग्गू ने देखा की दो लोग मुह पर कपड़ा ढक्कर उस कुएं के गुफा में जा रहे थे, जग्गू वहाँ से बाजू के गांव गया और उसने लोगो को जैसे ही कहा की वह कुआँ तो लोग कहने लगे की जंगल के बीचो बीच एक खूनी कुआँ है उसके पास मत जाना ।

  लोग उस जग्गू की बातों को सुन ही नहीं रहे थे वह अपना ही कह रहे थे, जग्गू ने लोगो को संत कराया और कहा की वह कोई खूनी कुआँ नही है, और उसने लोगो को उसके साथ बीती सारी घटना बताई ।

    लोगो फिर समझ गए की हमे उल्लू बनाया जा रहा था, वह कुआँ कोई खूनी कुआँ नही है, उस कुएं में चोरो ने छुपने के लिए यह सारी मनघडंत कहानी बनाई है, लोग फिर उस खूनी कुएं के पास गए और चोरो को धर दबोचा ।

    और जो अभी तक लोग उस कुएं के पास से गायब हुए थे उनको चोरो ने कैद करके रखा था, लोगो ने उनको भी वहाँ से छुड़ा लिया ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की हमे बिना जांच पड़ताल के कही सुनी किसी भी बात के ऊपर भरोसा नही करनी चाहिए ।

The moral of this stories:- we should not trust anything without listening to it without investigation.

(8) खरगोश और कछुआ #8 stories for class 3 

Moral stories in hindi for class 3
  एक जंगल में दो मित्र रहते थे खरगोश और कछुआ दोनों में गहरी दोस्ती थी, दो हर काम साथ मिलकर करते चाहे वो कोई भी काम क्यूँ न हो ।

  एक दिन खरगोश और कछुआ दोनों जंगल में घूमने निकले थे, दोनों के ऊपर बीच जंगल में एक भालू का हमला हुआ खरगोश तेज भगने मव माहिर था, वह तेज भागकर वहाँ से अपनी जान बचा ली

  लेकेन उस खरगोश ने उस कछुए की जान नही बचाई कछुये को बहुत बुरा लगा की उसका सच्चा मित्र उसे मुसीबत में छोड़कर भाग गया ।

  अब कछुआ उस भालू के जाल में फास गया कछुए को समझ में नही आरहा था की वह क्या करे कछुआ वहाँ से भाग भी नही कर सकता था, क्यूँ की कछुआ बहुत धीरे धीरे चलता था ।

  फिर कछुए के दिमाग में एक योजना आई की वह अपने सरीर को अपने खाल के अंदर छुपा ले, इससे भालू को लगेगा की यह एक पत्थर है ।

  और कछुए की योजना कामयाब हुई, और कछुआ इस तरह भालू के चंगुल से बच्चा गया लेकीन कछुए को समझ में आगई की खरगोस उसका सच्चा मित्र नही है, बस दिखाए क मित्र है ।

सिख;- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की, जो मित्र मुसीबत में अपने दोस्त को छोड़कर भाग जाए वह सच्चा मित्र नही होता है ।

A moral of this stories:- A friend who runs away from his friend in trouble is not a true friend.

(9) चूहा और सांप #9 in hindi moral stories for class 3 

Moral stories in hindi for class 3
  एक सपेरे के घर में एक चूहा रहा था, वह चूहा बहुत ही सरारती था, चूहा हमेसा उस घर के मालिक के वस्तुवों को नुकसान पहुचता सपेरा जब भी उस चूहे को पकड़ने जाता तो चूहा अपने बिल में घुस जाता और सीकरी के हाथ में न आता ।

  सीकरी उस चूहे से बहुत तांग आ चुका था, उस चूहे को वह मारने की हर कोसीस कर चुका था लेकीन चूहा किसी न किसी तरीके से उस सपेरे से बच जाता, और सीकरी की हर कोसीस नाकाम हो जाती ।

  एक दिन सीकरी पिटारे में सांप पकड़ के लेके आया, और उसे एक घर के कोने में रख दिया, चूहे को पत्ता नही था की उस पिटारे में सांप है, चूहे को लग रहा था की उस पिटारे में कुछ खाने की वस्तु है

  चूहा उस पिटारे के ऊपर उछल कूद करने लगा, उसकी उछल कूद के कारण अंदर का सांप सतर्क हो चुका था, चूहा सोचने लगा की क्यूँ न इस पिटारे को कुतर जाए ना समझ चूहा उस पिटारे को कुतरने लगा ।
Moral stories in hindi for class 3
 चूहा उस पिटारे को कुतरते ही चला गया, कुतरते कुतरते उस पिटारे में एक छेद बन चुका था, जैसे ही उस पिटारे में छेद बना तो वह सांप उस चूहे को खा गया, उस चूहे को खाने के बाद सांप वहाँ से चला गया ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की, सरारत से हमारी जान भी जा सकती है, इसलिये सरारत करे लेकीन सोच समझकर और अपने आप को बिना नुकसान पहुंचाए और किसी और को भी ।

(10) सोनू और सपना #10 Moral stories in hindi for class 3 

Moral stories in hindi for class 3
  सोनू नामक एक लड़का रहता था, जो हमेसा ख्यालो में खोया रहता था, वह अपने ख्यालो में देखता की वह बहुत बड़ा आदमी बन चुका है, और उसके पास खूब सारा पैसा है, वह दुनिया का सबसे बड़ा अमीर आदमी है ।

  सोनू मेहनत नही करता था, वह बस दिन रात अमीर होनेके सपने देखा करता, सोनू के पिताजी हमेसा उसे बोलते की जा बेटा मेहनत कर सपने देखने से कुछ नही होगा ।

  सोनू अपने पिताजी को बोलता की नही पिताजी मैं बिना मेहनत किये ही अमीर बन जाऊंगा, फिर सोनू के पिताजी ने सोनू को सबक सिखाने की योजना बनाई ।

  सोनू के पिताजी ने कहा की सोनू तू आज खुद खाना बनाएगा तो ही खायेगा नही तो नही खायेगा, सोनू ने कहा की मुझे खाना बनाना नही आता और मैं आज नहीं खाऊंगा उसके पिताजी ने कहा ठीक है मत खाना आज ।

  सोनू एक दिन बुखा रहा, दूसरे दिन सोनू को बहुत तेज बूख लगी सोनू फिर रसोई घर में गया और खुद खाना बनाने की कोसीस की और उसने खाना बना भी लिया, वह खाना उतना स्वदिष्ट नही था ।

   लेकीन वह सोनू ने खाना बनाया तो उसे वह खाना बहुत पसंद आरहा था, और सोनू उस खाने को बड़े चाव से खा रहा था, तभी सोनू के पिताजी आये और बोले देखा सोनू हमे बिना मेहनत किये खाना भी नसीब नही होता ।
 
  और तू बिना मेहनत किये अमीर बनने के सपने देख रहा था, सोनू को अब समझ में आगया था की बिना मेहनत किये हमे कुछ प्रपात नही होता ।

सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की, बिना मेहनत किये हमे कुछ प्राप्त नही होता, और खाली सपने देखने से भी कुछ नही होता

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तो दोस्तो आपको यह Moral stories in hindi for class 3 कहानी कैसी लगी मुझे कमेंट कर के जरूर बताना, और आपकी इनमे से पसंदीदा कहानी कौन सी है वह भी मुझे बताना, और अगर किसी कहानी में मुझेसे बताने में कुछ गड़बड़ी हुई होतो मुझे क्षमा कर देना Moral stories in hindi for class 3