शेर और चूहा | sher aur chuha hindi kahaniya baccho ke liye

Sher aur chuha hindi kahaniya baccho ke liye 


sher aur chuha hindi kahaniya baccho ke liye

  अगर आप शेर और चूहे की वह पुरानी वाली कहानी सुन सुन कर बोर होगये हैं, तो मैं आपके लिए कुछ तड़कति भड़कती शेर और चूहे की कहानी लेकर आया हूँ, मैं उम्मीद करता हूँ की आपको पसंद आये ।

 जंगल में शेर अपने गुफा में बूख के कारण तड़फड़ा रहा था, शेर ने पंद्रह दिन से कुछ नही खाया था, शेर शिकार के तलास में बहुत भटक लेकीन शेर को कोई भी शिकार नही मिला फिर वह हार-पिच के एक पेड़ के नीचे बैठ गया ।

  तभी एक चूहा अपने मस्त मगन में गाना गाते हुए जा रहा था, शेर ने उस चूहे की गाने की आवाज सुनकर उसको देखा और बिना आवाज किये उस चूहे को दबोच लिया, और कहा हा हा हा हा आज कितने दिनों बाद मुझे भोजन मिला है, छोटा है लेकीन बूख को शांत करने के लिए काफी है ।

  चूहा सोच में डूब गया की इस शेर के चुंगुल से कैसे बचा जाए, तभी उसके दिमाग में एक योजना आइ की क्यूँ न अपनी जान बचा कर दुशरी की जान दी जाए, उसने शेर से कहा की माई बाप आप मुझ जैसे छोटे से चूहे को खाकर संतुस्ट नहीं होंगे ।

 शेर ने कहा की अगर मैन तुझे नही खाया तो मैं बूख के करना मार जाऊंगा इससे अच्छा की मैं तुजे ही खालूं ।

 चूहे ने कहा की अगर मेरी जगह मैं आपको ढेर सारे चूहों की जगह का पत्ता बताऊं तो क्या आप मुझे छोड़ देंगे ।

  शेर ने कहा की मैं तुझपे बहरोस क्यूँ कर हो सकता है की तू बचने के लिए झूठ बोल रहा हो ।

  चूहे ने कहा नही माई बाप मैं झूठ नही बोल रहा हूँ मैं सच बोल रहा हूँ अगर आपको बहरोस नही है तो मैं आपको उस जगह का पत्ता बताता हूँ आप जाकर वहाँ पर देख लीजिये चूहे है या फिर नही ।

  शेर थोड़ा सोच में डूब गया कुछ देर सोचने के बाद शेर ने कहा ठीक है, लेकीन तब तक तू मेरे गुफा में कैद रहेगा अगर तूने जो जगह बताई वह झूठ निकली तो मैं तुझे खा जाऊंगा ।

  चूहे ने कहा ठीक है माई बाप और शेर को पता बात दिया, चूहे के बताये गए पत्ते पर जब शेर पहुंचा तो वहाँ पर चूहे ही चूहे थे और शेर ने उन चूहों पर हमला बोल दिया उसके पहले हमले में ही उसके शिकंजे में ढेर सारे से चूहे आगये ।

  और बचे हुए चूहे अपने अपने बिल में घुस गए, शेर उन चूहों को लेकर अपने गुफा में गया और चाव से खाने लगा उनको खाने के बाद शेर ने ढकार मारी और कहा की मजा आगया इतने दिनों बाद खाके ।

  शेर ने वादे अनुसार उस चूहे को छोड़ दिया लेकीन छोड़ने से पहले शेर ने चूहे से कहा अगर तुम मुझे इसी तरह उन चूहों का पत्ता बतावोगे तो ही मैं तुम्हे छोडूंगा, चूहे ने डर के मारे कहा ठीक है माई बाप मैं आपको उनका ठिकाना बताते रहूंगा ।

   शेर ने उस चूहे को छोड़ दिया, जब वह चूहा अपने ठिकाने पर गया तो उस चूहे को मालूम पड़ा की उस शेर ने उस चूहे के परिवार को भी खा लिया है, तब उस चूहे को अपने ऊपर बहुत शर्मिंदगी हुई और चूहा फुट फुटकर रोने लगा की अपनी जान बचाने के लिए उसने अपनी परिवार की बाली चढ़ा दी ।

  फिर चूहे ने शेर से बदल लेने का सोचा, वहाँ पर बचे कूचे जितने भी चूहे थे उन सबको उस चूहे ने इकट्ठा किया और कहा की अगर हम यहाँ रहेंगे तो शेर हमेसा हमला करेगा और रोज किसी न किसी की जान जाएगी इससे अच्छा है की हम यह जगह बदल दे ।

  सारे चूहे इस योजना पर शहमत हुए और अपना ठिकाना बदल दिया, अब चूहे ने उस शेर को मारने की योजना बनाई उसने सबसे पहले एक जगह पर गढ़ा खोना कुछ चूहों की सहयता से और उस गढ़े में उसने कांट बिछा दिया की ताकि शेर इस गढ़े में गिरे तो मार जाए और फिर उस गढ़े को उसने उन पत्तो से ढक दिया ।

  अब चूहा उस शेर को उस जगह का पत्ता बताने गया जहाँ पर उसने उस शेर के मौत की योजना बनाई थी, और कहा की जल्दी जाइये वहाँ पर चूहों की पार्टी चल रही है, मूर्ख शेर अपने मौत के पास चला गया।

  उस जगह पर जाने के बाद जैसे ही उस शेर ने आगे एक कदम बढ़ाया तो वह उस गढ़े में गिर कर मर गया ।

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