लालची दुकानदार को सबक | lalchi dukandar ko sabak hindi kahaniya

lalchi dukandar ko sabak hindi kahaniya

Lalchi dukandar ko sabak hindi kahaniya
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एक छोटे से गांव में ललन नाम का एक व्यापारी रहता था उसके घर में उसकी बीवी और उसका एक लड़का रहता था ललन अपने लड़के को जान से ज्यादा प्यार करता था, ललन की गांव के चौराहे पर एक किराने की दुकान थी उस पूरे गांव में सिर्फ उसकी ही एक किराने की दुकान थी।

     इसके वजह से उस गांव के सभी लोग उसकी दुकान से ही अपने घर का राशन लेते थे लेकीन लोगो को यह नही मालूम था की ललन अपने दुकान में मिलावट का समान बेचता है, ललन अपने दुकान में थोड़ा मोड मिलावट करके समान बेचता था, इसके वजह से लोगो के उसके मिलावट का पता नही चलता था ।

    ललन ने एक दिन सोचा की मैं मिलावट करता हूँ तो लोगो को मालूम भी नही पड़ता है, और अगर उनको मालूम भी पड गया तो वह क्या कर लेंगे उनको राशन तो मेरे दुकान से ही लेना होगा क्यूंकि मेरे दुकान के सिवाय इस गांव में कोई दुकान भी नही है।

     यह सोचके ललन अब ज्यादा मिलावट करने लगा, कुछ लोग उसके दुकान का राशन खाकर बीमार गिरने लगे, जब लोगो को मालूम पड़ा की ललन के दुकान का राशन खाने के वजह से लोग बीमार गिर रहे हैं, तो लोगो ने उसके दुकान पे जाकर हड़ताल की ललन नही माना, ललन ने गांव वालो को कहा जो करना है कर लो और यह कहकर उनको वहाँ से भगा दिया ।

    गांव वाले अब सोच में डूब गए की अब क्या करे ललन के दुकान के सिवाय इस गांव में और कोई राशन का दुकान भी नही है, फिर कुछ लोगो ने एक योजना बनाई मिलावट को मिलावट से हराने का ललन हर सुबह और शाम एक ग्वाले से अपने बेटे के लिए दूध लेता था, गांव वाले उस ग्वाले के पास गए और अभी तक की पूरी घटना बताई, और कहा की तुम अपने दूध में कुछ मिलावट कर के ललन को दो, वह ग्वाला यह करने के लिए राजी हो गया और वह अपने दूध में मिलावट करके ललन को देने लगा ।

    ललन का बेटा एक दिन बीमार गिर गया जब ललन को मालूम पड़ा की उस ग्वाले के दूध पीने की वजह से उसका बीटा बीमार गिरा है तो ललन उसके पास गया ललन ने उसको डाटते हुआ कहा की तुम्हारा दूध पीने की वजह से मेरा बेटा बीमार गिरा है, तो उस ग्वाले ने कहा की सरकार आपका राशन खाने की वजह से तो कितने बीमार गिरे हैं, उनका क्या आपका सिर्फ एक बेटा बीमार गिरा तो आप इतना चिंतित हो गए तो सोचिये जिस घर के सदस्य बीमार गिरे होंगे वह कितना चिंतित हुए होंगे।

     यह बात सुनकर ललन की आंख खुल गई और उसने उस ग्वाले से और पूरे गांव वालो से माफी मांगी और कहा की आज के बाद वह अपने दुकान में कभी भी मिलावट नही करेगा ।

शिक्षा:- लालच का फल हमेसा बुरा होता है, इसलिए कभी भी लालच नही करना कि चाहिए

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